राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।
मौखिक
अपील संख्या-1474/2013
(जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, प्रथम बरेली द्वारा परिवाद संख्या-21/2013 में पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 07-06-2013 के विरूद्ध)
जे0पी0 सिंह उम्र लगभग 43 वर्ष पुत्र श्री भगवन्त सिंह निवासी 35/61 ए, रामपुर बाग, थाना कोतवाली जिला बरेली
अपीलार्थी/परिवादी
बनाम
- एसर इण्डिया प्रा0लि0 द्वारा प्रबन्ध निदेशक ऐम्बेसी हाइट्स 6, फ्लोर नम्बर-13 मेंगराट रोड, नेकस्ट टू होसमाट हास्पिटल बंगलौर, 560025
- वी0एल कम्प्यूटर द्वारा प्रबन्धक सी-9 बटलर प्लाजा मार्केट, सिविल लाइन्स, थाना कोतवाली, जनपद-बरेली।
प्रत्यर्थीगण/विपक्षीगण.
समक्ष :-
1- मा0 श्री अशोक कुमार चौधरी, पीठासीन सदस्य।
2- मा0 श्रीमती बाल कुमारी, सदस्य।
1- अपीलार्थी की ओर से उपस्थित - श्री आत्मजीत सिंह।
2- प्रत्यर्थी की ओर से उपस्थित - कोई नहीं।
दिनांक : 08-12-2014
मा0 श्री अशोक कुमार चौधरी पीठासीन सदस्य द्वारा उदघोषित निर्णय:
अपीलार्थी ने प्रस्तुत अपील विद्धान जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, प्रथम बरेली, द्वारा परिवाद संख्या-21/2013 जे0पी0 सिंह बनाम ऐसर इण्डिया प्रा0लि0 द्वारा प्रबन्ध निदेशक आदि में एकपक्षीय पारित निर्णय एवं आदेश दिनांकित 07-06-2013 के विरूद्ध प्रस्तुत की है।
प्रत्यर्थी को दिनांक 04-03-2014 को नोटिस भेजी गयी थी। उनकी ओर से एक माह व्यतीत हो जाने के बाद भी कोई उपस्थित नहीं आया है। अत: विपक्षी/प्रत्यर्थी पर नोटिस की तामीला पर्याप्त मानी जाती है।
संक्षेप में इस केस के तथ्य इस प्रकार है कि परिवादी ने एक ऐसर 4752 कम्पनी का जेड लेपटाप मु0 22,500/-रू0 में विपक्षी संख्या-2 से क्रय किया था। परिवादी द्वारा लैपटाप का इस्तेमाल करने पर उक्त लैपटाप व उसका की-बोर्ड प्रारम्भ से ही सही काम नहीं कर रहा था, जिसकी
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शिकायत परिवादी ने विपक्षी संख्या-2 से की तथा उक्त संबंध में परिवादी ने विपक्षी संख्या-1 को दिनांक 31-10-2012 को नोटिस भी भेजा, परन्तु इसके बावजूद विपक्षीगण द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी। लैपटाप खराब होने के कारण परिवादी को अत्यधिक मानसिक व शारीरिक पीड़ा हुई। अत: परिवादी ने इस परिवाद के माध्यम से विपक्षीगण से पैरा-1 में वर्णित अनुतोष दिलाये जाने की याचना की है।
अपीलार्थी की ओर से विद्धान अधिवक्ता श्री आत्मजीत सिंह उपस्थित आए। उनके तर्क सुने गये। विद्धान अधिवक्ता का तर्क है कि प्रस्तुत निर्णय एकपक्षीय निर्णीत किया गया है और जिला मंच द्वारा गलत तथ्यों के आधार पर परिवादी का परिवाद खारिज किया गया है जो कि निरस्त किये जाने योग्य है।
अपीलार्थी का यह भी तर्क है कि विपक्षी संख्या-2 वी0एल0 कम्प्यूटर द्वारा उक्त लैपटाप निमार्ण संबंधी दोषयुक्त विक्रय किया गया था जिसको कि वारण्टी अवधि में खराब हो जाने पर लैपटाप का की-बोर्ड बदल दिया गया किन्तु लैपटाप सही ढंग से कार्य नहीं कर रहा है अत: ऐसी परिस्थिति में जिला मंच का आदेश निरस्त किये जाने योग्य है।
प्रश्नगत निर्णय का अवलोकन किया गया। जिसमें कि विद्धान जिला मंच ने यह अवधारित किया है कि परिवादी ने उक्त लैपटाप से संबंधित कोई भी वारण्टी कार्ड उपलब्ध नहीं कराया। अपीलार्थी ने वारण्टी कार्ड की फोटोप्रति जो कि उसने नेट से प्राप्त की है अपील के साथ दाखिल की है।
अत: उपरोक्त परिस्थिति में प्रश्नगत एकपक्षीय निर्णय निरस्त किये जाने योग्य है, क्योंकि इस परिवाद में विपक्षीगण की ओर से कोई भी प्रतिवाद पत्र दाखिल नहीं किया गया है एवं जिस आधार पर वारण्टी कार्ड के संबंधी में यह अवधारित किया गया है कि परिवादी ने साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। उस अभिलेख को परिवादी/अपीलार्थी ने नेट से निकालकर अपील के साथ दाखिल किया है अत: न्याय हित में हम यह समीचीन पाते है कि विद्धान जिला मंच द्वारा पारित एकपक्षीय आदेश निरस्त किये जाने एवं अपील स्वीकार किये जाने योग्य है।
आदेश
अपील स्वीकार की जाती है। विद्धान जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, प्रथम बरेली द्वारा परिवाद संख्या-21/2013 में पारित एकपक्षीय निर्णय एवं आदेश दिनांक 07-06-2013 निरस्त किया जाता है । विद्धान जिला मंच को निर्देशित किया जाता है कि वह उभयपक्ष को साक्ष्य एवं
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सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए वाद का निस्तारण गुणदोष के आधार पर किया जाना सुनिश्चित करें।
उभयपक्ष अपना-अपना अपीलीय व्ययभार स्वयं वहन करेंगे।
( अशोक कुमार चौधरी ) ( बाल कुमारी )
पीठासीन सदस्य सदस्य
कोर्ट नं0-3
प्रदीप मिश्रा