Uttar Pradesh

StateCommission

A/332/2019

Dakshinachal Vidyut Vitran Nigam Ltd - Complainant(s)

Versus

Smt. Girija Devi - Opp.Party(s)

Isar Husain

04 Oct 2019

ORDER

STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP
C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010
 
First Appeal No. A/332/2019
( Date of Filing : 08 Mar 2019 )
(Arisen out of Order Dated 31/01/2019 in Case No. C/103/2018 of District Etawah)
 
1. Dakshinachal Vidyut Vitran Nigam Ltd
Through its Executive Engineer E.D.D. II Distt. Etawah
...........Appellant(s)
Versus
1. Smt. Girija Devi
W/O Sri Govind Yadav R/O Near Jawahaar Nagar Bus Stand Bharthana Thana Bharthana Distt. Etawah
...........Respondent(s)
 
BEFORE: 
 HON'BLE MR. Udai Shanker Awasthi PRESIDING MEMBER
 HON'BLE MR. Gobardhan Yadav MEMBER
 
For the Appellant:
For the Respondent:
Dated : 04 Oct 2019
Final Order / Judgement

राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।

मौखिक

अपील संख्‍या-332/2019

(जिला उपभोक्‍ता फोरम, इटावा द्वारा परिवाद संख्‍या 103/2018 में पारित निर्णय दिनांक 31.01.2019 के विरूद्ध)

दक्षिणांचल विद्धुत वितरण निगम लि0 द्वारा एक्‍जीक्‍यूटिव इंजीनियर

इलेक्ट्रिकसिटी डिस्‍ट्रीब्‍यूशन डिवीजन 2 जिला इटावा।

                                               .......अपीलार्थी/विपक्षी

बनाम्

श्रीमती गिरजा देवी पत्‍नी श्री गोविन्‍द यादव निवासी नियर जवाहरनगर

बस स्‍टैण्‍ड भरथना थाना भरथना, जिला इटावा आधार कार्ड संख्‍या–

772152407918                               ........प्रत्‍यर्थी/परिवादिनी

समक्ष:-

1. मा0 श्री उदय शंकर अवस्‍थी, पीठासीन सदस्‍य।

2. मा0 श्री गोवर्धन यादव, सदस्‍य।

अपीलार्थी की ओर से उपस्थित : श्री इसार हुसैन, विद्वान अधिवक्‍ता।

प्रत्‍यर्थी की ओर से उपस्थित  : कोई नहीं।

दिनांक 27.02.2020

मा0 श्री उदय शंकर अवस्‍थी, पीठासीन सदस्‍य द्वारा उदघोषित

निर्णय

     प्रस्‍तुत अपील जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम इटावा द्वारा परिवाद संख्‍या 103/2018 में पारित प्रश्‍नगत निर्णय एवं आदेश दि. 31.01.2019 के विरूद्ध प्रस्‍तुत की गई है।

     संक्षेप में तथ्‍य इस प्रकार है कि प्रत्‍यर्थी/परिवादिनी के कथनानुसार परिवादिनी का घरेलू उपयोग के लिए विद्धुत कनेक्‍शन संख्‍या 131809 लगा है, जिसका वह नियमित रूप से बिल अदा कर रहा था। करीब एक वर्ष पहले उसका मीटर खराब हो गया, जिसकी सूचना उसने बिजली विभाग को कई बार दी। बिजली विभाग के कर्मचारी आए तो किसी तरह चालू कर दिया तथा अनियमित बिजली आपूर्ति चालू हुई। मोहल्‍ले की पार्टी बंदी के कारण दि. 25.01.2018 को बिजली विभाग के कथित सचल टीम आई और उसके यहां कथित रूप से छापेमारी की तथा केबिल में अलग से कट कर अवैध रूप से

-2-

बिजली का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए कर राजस्‍व निर्धारण कर दिया। स्‍थानीय पार्टी बंदी के कारण बिजली विभाग ने परिवादिनी को राजस्‍व निर्धारण का एक नोटिस रू. 77474/- की वसूली का दिया, अत: राजस्‍व निर्धारण की इस धनराशि को समाप्‍त करने हेतु परिवाद योजित किया गया।

जिला मंच ने प्रश्‍नगत निर्णय द्वारा उपरोक्‍त राजस्‍व कर निर्धारण संबंधित नोटिस दिनांकित 07.02.2018 को निरस्‍त कर दिया तथा इस धनराशि की वसूली परिवादिनी से न किए जाने के संदर्भ में भी आदेश पारित किया गया। इस निर्णय से क्षुब्‍ध होकर यह अपील योजित की गई।

     हमने अपीलकर्ता के विद्वान अधिवक्‍ता श्री इसार हुसैन के तर्क सुने। प्रत्‍यर्थी पर नोटिस की तामीला के बावजूद कोई उपस्थित नहीं हुआ।

अपीलकर्ता के विद्वान अधिवक्‍ता द्वारा यह तर्क प्रस्‍तुत किया गया कि प्रस्‍तुत प्रकरण में निर्विवाद रूप से परिवादिनी ने अपने विद्धुत कनेक्‍शन के संबंध में विद्धुत विभाग द्वारा विद्धुत चोरी का आरोप लगाया जाना अभिकथित किया है तथा यह अभिकथित किया गया है कि दि. 25.01.2018 को विद्धुत विभाग के सचल दल पर उसने विद्धुत चोरी का झूठा आरोप लगाया है। परिवादिनी ने यह भी स्‍वीकार किया है कि विद्धुत विभाग द्वारा रू. 77474/- का राजस्‍व कर निर्धारण करके धनराशि की वसूली हेतु नोटिस जारी की गई है। अपीलकर्ता के विद्वान अधिवक्‍ता ने इस संदर्भ में यू0पी0पी0सी0एल0 व अन्‍य बनाम अनीस अहमद, III (2013) CPJ 1 (SC) के मामले में मा0 उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा यह निर्णीत किया गया है कि विद्युत अधिनियम की धारा-126 के अन्‍तर्गत की गई कार्यवाही के विरूद्ध उपभोक्‍ता मंच में परिवाद पोषणीय नहीं है।

 

-3-

     उपरोक्‍त तथ्‍यों के आधार पर हमारे विचार से प्रश्‍नगत परिवाद की सुनवाई का क्षेत्राधिकार जिला मंच को प्राप्‍त नहीं था। ऐसी परिस्थिति में प्रश्‍नगत निर्णय एवं आदेश त्रुटिपूर्ण है। तद्नुसार अपील स्‍वीकार किए जाने एवं प्रश्‍नगत निर्णय एवं आदेश अपास्‍त किए जाने योग्‍य है।

आदेश

 

प्रस्‍तुत अपील स्‍वीकार की जाती है। प्रश्‍नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक 31.01.2019 अपास्‍त किया जाता है तथा परिवाद भी निरस्‍त किया जाता है।

     उभय पक्ष अपना-अपना अपीलीय-व्‍यय भार स्‍वंय वहन करेंगे।

     निर्णय की प्रमाणित प्रतिलिपि पक्षकारों को नियमानुसार उपलब्‍ध कराई जाए।

 

        (उदय शंकर अवस्‍थी)                        (गोवर्धन यादव)                                                                                                                                                 पीठासीन सदस्‍य                             सदस्‍य         

राकेश, पी0ए0-2

  कोर्ट-1

 
 
[HON'BLE MR. Udai Shanker Awasthi]
PRESIDING MEMBER
 
 
[HON'BLE MR. Gobardhan Yadav]
MEMBER
 

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