Uttar Pradesh

StateCommission

A/2004/2153

Post Office - Complainant(s)

Versus

Smt Shahanaz Akhatar - Opp.Party(s)

Alok Mathur

27 Mar 2017

ORDER

STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP
C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010
 
First Appeal No. A/2004/2153
(Arisen out of Order Dated in Case No. of District )
 
1. Post Office
A
...........Appellant(s)
Versus
1. Smt Shahanaz Akhatar
A
...........Respondent(s)
 
BEFORE: 
 HON'BLE MR. Vijai Varma PRESIDING MEMBER
 HON'BLE MR. Gobardhan Yadav MEMBER
 
For the Appellant:
For the Respondent:
Dated : 27 Mar 2017
Final Order / Judgement

मौखिक

 

राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0 लखनऊ

 

(जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम, लखीमपुर खीरी द्वारा परिवाद संख्‍या  187 सन 2002 में पारित प्रश्‍नगत निर्णय एवं  आदेश दिनांक 14.10.2004  के विरूद्ध)

 

अपील संख्‍या 2153 सन 2004

सुपरिण्‍टेंडेंट आफ पोस्‍ट आफिस, लखीमपुर खीरी एवं अन्‍य .......अपीलार्थी/प्रत्‍यर्थी

-बनाम-

श्रीमती शाहनाज अख्‍तर पत्‍नी मो0 महमूद अख्‍तर सिददीकी निवासी मोहल्‍ला हिना मंजिल, कपूरथला, सिविल लाइन्‍स, लखीमपुर खीरी  . .........प्रत्‍यर्थी/परिवादी

 

 

समक्ष:-

मा0  श्री  उदय शंकर अवस्‍थी,  पीठासीन  सदस्‍य।

मा0    श्री गोवर्धन यादव, सदस्‍य।

 

अपीलार्थी की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता  -  श्री उदयवीर सिंह।

प्रत्‍यर्थी   की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता  -  कोई नहीं।

 

दिनांक:   27.03.2017

 

श्री उदय शंकर अवस्‍थी,  पीठासीन  सदस्‍य द्वारा उद्घोषित

 

निर्णय

 

      प्रस्‍तुत अपील, जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम, लखीमपुर खीरी द्वारा परिवाद संख्‍या  187 सन 2002 में पारित प्रश्‍नगत निर्णय एवं  आदेश दिनांक 14.10.2004  के विरूद्ध प्रस्‍तुत की गयी है ।

संक्षेप में, तथ्‍य इस प्रकार हैं कि प्रत्‍यर्थी/परिवादिनी के कथनानुसार उसने पंजीकृत डाक के माध्‍यम एक पार्सल दिनांक 02.04.2002 को अपीलकर्ता के माध्‍यम से अपनी पुत्री हिना हसन को इंग्‍लैण्‍ड भेजा । यह पार्सल उसकी पुत्री को प्राप्‍त नहीं हुआ, जिसकी सूचना परिवादिनी ने अपीलकर्ता संख्‍या-1 को दिनांक 02.05.2002  को दी। अपीलकर्ता द्वारा यह स्‍वीकार किया गया कि पार्सल के गन्‍तब्‍य स्‍थान पर पहुंचने की कोई सूचना अपीलकर्ता को प्राप्‍त नहीं हो सकी। विद्वान जिला मंच ने प्रत्‍यर्थी/परिवादिनी के परिवाद को स्‍वीकार करते हुए अपीलकर्ता संख्‍या-1 को आदेश दिया कि पार्सल में रखी हुई वस्‍तुओं की कीमत मु0 2000.00 तथा पोस्‍टल चार्जेज मु0 727.00 तथा मानसिक कष्‍ट की क्षतिपूर्ति के लिए मु0 2000.00 रू0 भुगतान करें। इस आदेश का अनुपालन इस आदेश की तिथि से एक माह के अन्‍दर सुनिश्चित करें।

हमने अपीलकर्ता के विद्वान अधिवक्‍ता डा0 उदय वीर सिंह की बहस विस्‍तार से सुनी तथा पत्रावली पर उपलब्‍ध अभिलेखों का सम्‍यक् अनुशीलन किया। प्रत्‍यर्थी की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ लेकिन प्रत्‍यर्थी की ओर से आपत्ति प्रस्‍तुत की गयी ।

यह तथ्‍य निर्विवाद है कि प्रत्‍यर्थी/परिवादिनी द्वारा पंजीकृत पार्सल अपनी पुत्री के पास इंग्‍लैण्‍ड भेजा गया। यह पार्सल उसे प्राप्‍त नहीं हो सका। यह तथ्‍य भी निर्विवाद है कि प्रश्‍नगत पार्सल बीमित नहीं था और उसमें रखी बस्‍तुओं की जानकारी अपीलकर्ता को नहीं थी। अन्‍तर्राष्‍ट्रीय पार्सल की क्षतिपूर्ति की अदायगी के संबंध में अधीक्षक डाकघर खीरी द्वारा सत्‍यापित सूचना अपीलकर्ता के विद्वान अधिवक्‍ता द्वारा प्रेषित की गयी जिसमें यह तथ्‍य उल्लिखित है कि अन्‍तर्राष्‍ट्रीय पार्सल खो जाने की स्थिति में 40 एसडीआर प्रति पार्सल के रूप में अदायगी की जाएगी । अपीलकर्ता के विद्वान अधिवक्‍ता द्वारा अवगत कराया गया कि 01 एसडीआर का मूल्‍य 79.00 रू0 होता है । इस प्रकार क्षतिपूर्ति के रूप में 3160.00 रू0 दिलाया जाना न्‍यायोचित होगा, क्‍योंकि पार्सल में रखी हुयी वस्‍तु का कोई मूल्‍य पत्‍यर्थी/परिवादिनी द्वारा अपीलकर्ता को सूचित नहीं किया गया और न ही यह पार्सल बीमित था, अत: पार्सल की कीमत के विषय में अलग से धनराशि दिए जाने का कोई औचित्‍य नहीं होगा ।

प्रस्‍तुत अपील आंशिक रूप से स्‍वीकार किए जाने के योग्‍य है ।

आदेश

            प्रस्‍तुत अपील आंशिक रूप से स्‍वीकार की जाती है । जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम, लखीमपुर खीरी द्वारा पारित प्रश्‍नगत निर्णय एवं  आदेश दिनांक 14.10.2004 संशोधित करते हुए अपीलकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि इस निर्णय की तिथि से दो माह के अन्‍दर पोस्‍टल चार्जेज 727.00 रू0 तथा क्षतिपूर्ति के रूप में 3160.00 रू0 प्रत्‍यर्थिनी/परिवादिनी को अदा करें। निर्धारित अवधि में धनराशि की अदायगी न किए जाने की स्थिति में इस धनराशि पर प्रत्‍यर्थिनी/परिवादिनी, अपीलकर्ता से 06 (छह) प्रतिशत साधारण ब्‍याज प्राप्‍त करने की अधिकारिणी होगी ।

      उभय पक्ष इस अपील का अपना अपना व्‍यय स्‍वयं वहन करेंगे।

 

     

 

(उदय शंकर अवस्‍थी)                           (गोवर्धन यादव)

  पीठासीन सदस्‍य                                                                सदस्‍य

      कोर्ट-3

(S.K.Srivastav,PA)

 

 

 

 

 

 

 
 
[HON'BLE MR. Vijai Varma]
PRESIDING MEMBER
 
[HON'BLE MR. Gobardhan Yadav]
MEMBER

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