Uttar Pradesh

StateCommission

A/146/2021

Housing Development Finance Corporation Ltd - Complainant(s)

Versus

Shivdan Yadav - Opp.Party(s)

Vikas Agarwal

26 Sep 2022

ORDER

STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP
C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010
 
First Appeal No. A/146/2021
( Date of Filing : 01 Mar 2021 )
(Arisen out of Order Dated 19/11/2020 in Case No. CC/597/2019 of District Lucknow-I)
 
1. Housing Development Finance Corporation Ltd
2nd Floor, Hindustan Times House, 25 Ashok Marg, Lucknow
...........Appellant(s)
Versus
1. Shivdan Yadav
16, Saraswati Puram, Raebareli Road, near PGI, Judges lane, Lucknow
...........Respondent(s)
 
BEFORE: 
 HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR PRESIDING MEMBER
 HON'BLE MR. Vikas Saxena JUDICIAL MEMBER
 
PRESENT:
 
Dated : 26 Sep 2022
Final Order / Judgement

राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।

सुरक्षित

अपील संख्‍या-146/2021

(जिला उपभोक्‍ता फोरम, प्रथम लखनऊ द्वारा परिवाद संख्‍या-597/19 में पारित निर्णय दिनांक 19.11.2020 के विरूद्ध)

हाउसिंग डेवलपमेन्‍ट फाइनेन्‍स कारपोरेशन लि0 व एक अन्‍य।

                                      ......अपीलार्थीगण@विपक्षीगण

बनाम

श्री शिव दान यादव निवासी 16 सरस्‍वतीपुरम, रायबरेली रोड

नियर पीजीआई, जजेस लेन, लखनऊ पिन-226004 व एक अन्‍य।

                                     ..........प्रत्‍यर्थीगण/परिवादीगण

समक्ष:-

1. मा0 श्री सुशील कुमार, सदस्‍य।

2. मा0 श्री विकास सक्‍सेना, सदस्‍य।

अपीलार्थी की ओर से उपस्थित  : श्री विकास अग्रवाल, विद्वान

                            अधिवक्‍ता।

प्रत्‍यर्थी की ओर से उपस्थित   : श्री यश पाण्‍डेय, विद्वान अधिवक्‍ता।

दिनांक 23.11.2022

मा0 श्री सुशील कुमार, सदस्‍य द्वारा उदघोषित

निर्णय

1.   परिवाद संख्‍या 597/2019 श्री शिवदान यादव व एक अन्‍य बनाम एचडीएफसी बैंक व एक अन्‍य में पारित निर्णय व आदेश दि. 19.11.2020 के विरूद्ध यह अपील प्रस्‍तुत की गई है। जिला उपभोक्‍ता मंच ने परिवाद आंशिक रूप से स्‍वीकार करते हुए विपक्षीगण को निर्देशित किया है‍ कि परिवादीगण को रू. 99180/- 12 प्रतिशत ब्‍याज के साथ लौटाया जाए, क्‍योंकि यह राशि परिवादीगण के खाते से अवैध रूप से काटी गई है।

2.   दोनों पक्षकारों के विद्वान अधिवक्‍ता की बहस सुनी गई। प्रश्‍नगत निर्णय व आदेश तथा पत्रावली का अवलोकन किया गया।

3.   इस निर्णय व आदेश दि. 19.11.20 के विरूद्ध अपील दि. 25.02.21 को प्रस्‍तुत की गई है, जो समयावधि से बाधित है। देरी माफ करने के लिए आवेदन संख्‍या 37 लगायत 39 मय शपथपत्र प्रस्‍तुत किए गए हैं। आवेदन

-2-

संख्‍या 37 में यह उल्‍लेख है कि शपथपत्र में वर्णित तथ्‍यों के आधार पर देरी माफ कर दिया जाए। शपथपत्र में यह कथन किया गया है कि शपथकर्ता विजय प्रताप सिंह अधिवक्‍ता श्री विकास अग्रवाल का क्‍लर्क है और वह देरी माफ करने के लिए प्रस्‍तुत किए गए आवेदन के समर्थन में शपथपत्र देने के लिए अधिकृत है। यह आधार पूर्णतया असत्‍य है कि अधिवक्‍ता विकास अग्रवाल के क्‍लर्क को देरी माफ करने के लिए प्रस्‍तुत किया गया आवेदन के समर्थन में शपथपत्र देने का कोई वैधानिक कारण प्राप्‍त नहीं है। श्री अग्रवाल का क्‍लर्क अपीलार्थी का अधिकृत एजेन्‍ट नहीं है, अत: देरी के कारणों के बारे में कोई ज्ञान नहीं है, उसके द्वारा केवल यह कथन किया गया है कि दि. 19.01.21 को अंकन रू. 25000/- के ड्राफ्ट के साथ कागज अपील प्रस्‍तुत करने के लिए उपलब्‍ध करा दिए गए थे, परन्‍तु  यह सभी दस्‍तावेज अधिवक्‍ता के चेम्‍बर से गुम हो गए थे। यदि 18.01.21 को अधिवक्‍ता को दस्‍तावेज उपलब्‍ध करा दिए गए थे तब भी यह कार्यवाही देरी से की गई है, जजमेन्‍ट 19.11.20 को पारित हो चुका था, इसलिए देरी माफ करने का कोई आधार नहीं है। यदि अधिवक्‍ता को दस्‍तावेज उपलब्‍ध करा दिए गए होते तब इस तथ्‍य को भी शपथपत्र द्वारा पुष्‍ट करना के दायित्‍व अपीलार्थी के अधिकृत अभिकृता/प्राधिकारी पर था न कि अधिवक्‍ता  के क्‍लर्क पर था, इसलिए देरी माफ करने के आवेदन के समर्थन में प्रस्‍तुत किया गया शपथपत्र अवैध है जिस पर कोई विचार नहीं किया जा सकता, तदनुसार देरी माफ करने का कारण स्‍पष्‍ट नहीं है, अत: देरी माफ करने के लिए प्रस्‍तुत किया गया आवेदन खारिज किया जाता है, परिणामत: अपील खारिज किए जाने योग्‍य है।

 

-3-

आदेश

4.   अपील खारिज की जाती है।

     अपीलार्थी द्वारा धारा-15 के अंतर्गत जमा धनराशि अर्जित ब्‍याज सहित जिला उपभोक्‍ता आयोग को निस्‍तारण हेतु प्रेषित की जाए।

     आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस आदेश को आयोग की

वेबसाइड पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।

 

         

       (विकास सक्‍सेना)                   (सुशील कुमार)                                                                                                                                                   सदस्‍य                           सदस्‍य

राकेश, पी0ए0-2  

 कोर्ट-3

 
 
[HON'BLE MR. SUSHIL KUMAR]
PRESIDING MEMBER
 
 
[HON'BLE MR. Vikas Saxena]
JUDICIAL MEMBER
 

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