Uttar Pradesh

StateCommission

A/2014/473

Post Office - Complainant(s)

Versus

Shashi Kant Bajpai - Opp.Party(s)

Vishal Chaudhary

27 Feb 2017

ORDER

STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP
C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010
 
First Appeal No. A/2014/473
(Arisen out of Order Dated in Case No. of District State Commission)
 
1. Post Office
a
...........Appellant(s)
Versus
1. Shashi Kant Bajpai
a
...........Respondent(s)
 
BEFORE: 
 HON'BLE MR. Vijai Varma PRESIDING MEMBER
 HON'BLE MR. Raj Kamal Gupta MEMBER
 
For the Appellant:
For the Respondent:
Dated : 27 Feb 2017
Final Order / Judgement

राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।

सुरक्षित

अपील संख्‍या-473/2014

(जिला उपभोक्‍ता फोरम, हरदोई द्वारा परिवाद संख्‍या 200/12 में पारित निर्णय दिनांक 31.01.14 के विरूद्ध)

1. सु‍परिटेन्‍डेन्‍ट आफ पोस्‍ट आफिसेस, हरदोई डिवीजन हरदोई।

2. पोस्‍ट मास्‍टर, ब्रांच पोस्‍ट आफिस, पाली जिला हरदोई।

                                                .......अपीलार्थी/विपक्षीगण

बनाम

शशिकांत बाजपेई पुत्र स्‍व0 श्री जगदीश नारायन बाजपेयी, निवासी

मोहल्‍ला बेनीगंज टाउन-पाली, तहसील सवायजपुर, जिला हरदोई।

                                                   ........प्रत्‍यर्थी/परिवादी

समक्ष:-

1. मा0 श्री विजय वर्मा, पीठासीन सदस्‍य।

2. मा0 श्री राज कमल गुप्‍ता, सदस्‍य।

अपीलार्थी की ओर से उपस्थित    : श्री उदय वीर सिंह, विद्वान अधिवक्‍ता।

प्रत्‍यर्थी की ओर से उपस्थित     :श्री आर0के0 मिश्रा, विद्वान अधिवक्‍ता।

दिनांक 20.03.2017

मा0 श्री राज कमल गुप्‍ता, सदस्‍य द्वारा उदघोषित

निर्णय

      यह अपील जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम हरदोई द्वारा परिवाद संख्‍या 200/12 में पारित प्रश्‍नगत निर्णय एवं आदेश दि. 31.01.2014 के विरूद्ध प्रस्‍तुत की गई है। जिला मंच द्वारा निम्‍न आदेश पारित किया गया है:-

      '' परिवाद स्‍वीकार किया जाता है। विपक्षीगण को आदेश दिया जाता है कि वह परिवादी शशिकांत बाजपेई और उसके सहखातेदारों के नाम खोले गये एम.आई.एस खाता संख्‍या 76180190 में रू. 48583/- मात्र, खाता संख्‍या 76180191 में रू. 50000/- मात्र, खाता संख्‍या 76180205 में रू. 50333/- मात्र, खाता संख्‍या 76180314 में रू. 48553 मात्र, खाता संख्‍या 76180380 में रू. 48250/- मात्र, खाता संख्‍या 76180381 में रू. 48250/- मात्र, खाता संख्‍या 7618094 में रू. 38867/- मात्र, खाता संख्‍या 76180313 में रू. 48250/- मात्र, खाता संख्‍या 76180411 में रू. 29400/- मात्र और खाता संख्‍या 76180384 में रू. 48250/- मात्र अनुमन्‍य बोनस(यदि कोई हो) और पोस्‍ट आफिस के नियमानुसार देय ब्‍याज सहित आज की तारीख से दो माह के अंदर जमा कर दें। ऐसा करने में असफल होने पर परिवादी उक्‍त खातों की पूर्वउल्लिखित धनराशि परिवाद प्रस्‍तुत करने की

 

-2-

तारीख 06.09.12 से अदायगी की तारीख तक के लिए 10 प्रतिशत वार्षिक की दर से साधारण ब्‍याज सहित विपक्षीगण से पाने का हकदार होगा। विपक्षीगण को यह भी आदेशित किया जाता है कि वह क्षतिपूर्ति के रूप में रू. 2000/- मात्र और वाद व्‍यय के रूप में रू. 1000/- मात्र आज की तारीख से 2 माह के अंदर परिवादी शशिकांत बाजपेई को अदा करें। क्षतिपूर्ति की अदायगी निर्धारित अवधि में न करने पर उस पर भी परिवाद प्रस्‍तुत करने की तारीख से अदायगी की तारीख तक के लिए 10 प्रतिशत वार्षिक की दर से साधारण ब्‍याज देय होगा।''

      संक्षेप में तथ्‍य इस प्रकार है कि परिवादी का विपक्षी संख्‍या 1/प्रत्‍यर्थी संख्‍या 2 के यहां परिवादी व परिवादी के पुत्र बालगोविन्‍द के नाम से निम्‍नानुसार संयुक्‍त खाता है तथा 10 वां खाता परिवादी व परिवादी की पत्‍नी गुड्डी देवी के नाम है। ये खाते डाकघर के अभिकर्ता प्रशान्‍त कुमार बाजपेई के माध्‍यम से खोले गए थे।

  खाता संख्‍या               जमा धन

1. 76180190                50000/-

2. 76180191                50000/-

3. 76180205                50000/-

4. 76180314                50000/-

5. 76180380                50000/-

6. 76180381                 50000/-

7. 76180194                 40000/-

8. 76180313                 50000/-

9. 76180411                 30000/-

10. 76180384                50000/-

 

परिवादी के अनुसार डाकघर के कम्रचारियों एवं अभिकर्ता ने ब्‍याज निकासी के बहाने परिवादी की धनराशि निकाल ली। डाकघर के अधिकारियों ने अभिकर्ता के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया तथा धनराशि हड़पने का दोषी मानते हुए डाकघर के कर्मचारियों से रिकवरी की गई। परिवादी ने अपनी जमा धनराशि रू. 470000/- मय ब्‍याज व बोनस भुगतान के लिए डाकघर गया तो उन्‍होंने धनराशि देने से मना कर दिया।

      पीठ ने उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्‍ताओं की बहस को सुना एवं पत्रावली पर उपलब्‍ध अभिलेखों एवं साक्ष्‍यों का भलीभांति परिशीलन किया गया।

 

 

-3-

विपक्षी/अपीलार्थी ने जिला मंच के समक्ष अपना परिवादोत्‍तर प्रस्‍तत किया। परिवादोत्‍तर में यह अभिवचन किया कि परिवादी के परिवाद पत्र में अंकित खाता संख्‍या 76180196 रू. 50000/- परिवादी से संबंधित नहीं है। परिवादी का कथन असत्‍य व आधारहीन है क्‍योंकि परिवादी ने सभी मासिक आय योजना खातों का भुगतान स्‍वयं प्राप्‍त किया है और उसने जांच के दौरान यह स्‍वयं स्‍वीकार किया है कि निकासी फार्मों के दोनों तरफ उसी के हस्‍ताक्षर हैं। परिवादी एवं अभिकर्ता के मध्‍य आपसी विवाद हो जाने के कारण परिवादी ने डाकघर के कर्मचारियों एवं अभिकर्ता के साथ मिलकर धन निकालने का मिथ्‍या एवं मनगढ़त आरोप लगाया है। डाकघर के कर्मचारियों से रिकवरी विभागीय प्रक्रिया का पालन न करने एवं नियमों का उल्‍लंघन करने के कारण अनुशासनिक कार्यवाही पूर्ण करके की गई है न कि धनराशि हड़पने का दोषी पाए जाने पर। डाकघर का कोई भी कर्मचारी परिवादी की धनराशि हड़पने का दोषी नहीं पाया गया है। परिवादी प्रश्‍नगत खातों का भुगतान वर्ष 2006 एवं 2007 में प्राप्‍त कर चुका है, अत: पुन: भुगतान का कोई औचित्‍य नहीं है। परिवादी के पास कोई ऐसा साक्ष्‍य नहीं है कि वह खातों में जमा धनराशि को पाने का हकदार है। परिवादी के सभी उक्‍त खाते बंद हो चुके हैं। परिवादी के सभी खातों का भुगतान वर्ष 2006-07 में ही हो चुक है। खातों के विवाद के संबंध में यदि कोई विवाद था तो उसे भुगतान की तिथि से 2 वर्ष के अंदर परिवाद प्रस्‍तुत करना चाहिए था। परिवादी ने इन्‍हीं तथ्‍यों पर परिवाद संख्‍या 32/08 प्रस्‍तुत किया था जो कि दि. 25.08.12 को फोरम द्वारा निरस्‍त किया गया।

      जिला मंच के समक्ष विपक्षी ने अपने अतिरिक्‍त वादोत्‍तर में यह अभिकथन किया है कि परिवादी ने अपने कथनों में फ्राड व कपट का उल्‍लेख किया है, अत: यह प्रकरण उपभोक्‍ता न्‍यायालयों में चलने योग्‍य नहीं है।

यह तथ्‍य निर्विवाद है कि परिवादी ने 10 संयुक्‍त खाते एम.आई.एस. योजना के अंतर्गत अपीलार्थी पोस्‍टमास्‍टर डाकघर शाखा पाली में खुलवाए थे। परिवादी ने इन खातों की रकम को परिपक्‍वता अवधि से पूर्व निकाले जाने के लिए निर्धारित प्रार्थना पत्र प्रपत्रों पर हस्‍ताक्षर करके जमा कराए। परिवादी के अनुसार उसको प्रश्‍नगत खातों की धनराशि मय ब्‍याज और बोनस के प्राप्‍त नहीं हुई और डाकघर के कर्मचारियों व डाकघर के अभिकर्ता द्वारा फर्जी तरीके से भुगतान प्राप्‍त कर लिया। पत्रावली पर उपलब्‍ध साक्ष्‍यों से यह स्‍पष्‍ट है कि

 

-4-

इस प्रकरण में अपीलार्थी ने विभागीय जांच कराई थी और जैसाकि अपीलार्थी ने अपने परिवादोत्‍तर में अंकित किया है कि डाकघर के कर्मचारियों से रिकवरी विभागीय प्रक्रिया का पालन न करने और नियमों का उल्‍लंघन करने के कारण अनुशासनात्‍मक कार्यवाही पूर्ण करके की गई है न कि धनराशि हड़पने का दोषी जाए जाने पर। अपीलार्थी की यह स्‍वीकारोक्ति महत्‍वपूर्ण है कि इस प्रकरण में विभाग द्वारा जांच कराई गई थी और कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही भी की गई थी, जिससे स्‍पष्‍ट है कि अपीलार्थी/विपक्षी डाकघर द्वारा प्रश्‍नगत एम.आई.एस. खाते में धन निकासी के संबंध में विभागीय नियमों का पालन नहीं किया और कर्मचारियों की मिलीभगत से परिवादी को उसके खातों का भुगतान नहीं प्राप्‍त हुआ। स्‍पष्‍ट रूप से यह अपीलार्थी/विपक्षीगण की सेवा में कमी दर्शाता है। जिला मंच ने साक्ष्‍यों की विस्‍तृत विवेचना करते हुए अपना निर्णय दिया है, जो विधिसम्‍मत है। हम उसमें किसी हस्‍तक्षेप का कोई औचित्‍य नहीं पाते हैं। तदनुसार अपील निरस्‍त किए जाने योग्‍य है व जिला मंच का निर्णय पुष्टि किए जाने योग्‍य है।

आदेश

     प्रस्‍तुत अपील निरस्‍त की जाती है तथा जिला मंच द्वारा पारित निर्णय/आदेश दि. 31.01.2014 की पुष्टि की जाती है।

      उभय पक्ष अपना-अपना अपीलीय व्‍यय स्‍वयं वहन करेंगे।

      निर्णय की प्रतिलिपि पक्षकारों को नियमानुसार उपलब्‍ध कराई जाए।    

 

 

          (विजय वर्मा)                               (राज कमल गुप्‍ता)

         पीठासीन सदस्‍य                                   सदस्‍य

राकेश, आशुलिपिक

      कोर्ट-4 

 

 

 

 

 
 
[HON'BLE MR. Vijai Varma]
PRESIDING MEMBER
 
[HON'BLE MR. Raj Kamal Gupta]
MEMBER

Consumer Court Lawyer

Best Law Firm for all your Consumer Court related cases.

Bhanu Pratap

Featured Recomended
Highly recommended!
5.0 (615)

Bhanu Pratap

Featured Recomended
Highly recommended!

Experties

Consumer Court | Cheque Bounce | Civil Cases | Criminal Cases | Matrimonial Disputes

Phone Number

7982270319

Dedicated team of best lawyers for all your legal queries. Our lawyers can help you for you Consumer Court related cases at very affordable fee.