Uttar Pradesh

StateCommission

EA/86/2022

Sangeeta Agarwal - Complainant(s)

Versus

Reliance General Insurance co. ltd. - Opp.Party(s)

Syed Imam Ali

05 Jan 2023

ORDER

STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP
C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010
 
Execution Application No. EA/86/2022
( Date of Filing : 07 Dec 2022 )
In
Complaint Case No. CC/260/2019
 
1. Sangeeta Agarwal
W/O Late Pradeep Agarwal R/O Flat No. 303 Rohit Rower GH-1 Sec. 2 Vikas Nagar Lucknow
...........Appellant(s)
Versus
1. Reliance General Insurance co. ltd.
1st Floor Suraj Deep Complex A- Block Jopling Road Gokhle Vihar Butler Colony Lucknow
...........Respondent(s)
 
BEFORE: 
 HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR PRESIDENT
 
PRESENT:
 
Dated : 05 Jan 2023
Final Order / Judgement

राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।

मौखिक

                   निष्‍पादन वाद सं0-86/2022   

संगीता अग्रवाल बनाम रिलायंस जनरल इंश्‍योरेंस कं0लि0 व अन्‍य

05-01-2023 :-

मा0 न्‍यायमूर्ति श्री अशोक कुमार, अध्‍यक्ष द्वारा उदघोषित।

निर्णय

पुकार करवाई गई। निष्‍पादनकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता श्री मिर्जा मोहम्‍मद इमरान एवं विपक्षी/निर्णीत ऋणी बीमा कम्‍पनी की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता श्री बृजेन्‍द्र चौधरी उपस्थित हैं।  

प्रस्‍तुत निष्‍पादन वाद डिक्रीहोल्‍डर द्वारा इस न्‍यायालय द्वारा परिवाद सं0-260/2019 में दिनांक 13-09-202 को पारित निर्णय व आदेश के अनुपालन हेतु प्रस्‍तुत किया गया।

उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्‍ता द्वय द्वारा कथन किया गया कि प्रस्‍तुत निष्‍पादन वाद में इस न्‍यायालय द्वारा पूर्व में पारित उक्‍त निर्णय एवं आदेश के अनुपालन में निर्णीत ऋणी बीमा कम्‍पनी द्वारा इस राज्‍य आयोग में तीन पे आर्डर के माध्‍यम से धनराशि जमा की जा चुकी है। उक्‍त जमा सम्‍पूर्ण धनराशि को डिक्रीहोल्‍डर के पक्ष में अवमुक्‍त करने हेतु प्रार्थना पत्र डिक्रीहोल्‍डर के विद्वान अधिवक्‍ता द्वारा प्रस्‍तुत किया गया है जो पत्रावली पर उपलब्‍ध है। 

आज प्रस्‍तुत निष्‍पादन वाद की सुनवाई के मध्‍य विपक्षी कम्‍पनी के अधिवक्‍ता द्वारा उक्‍त जमा धनराशि को डिक्रीहोल्‍डर के पक्ष में अवमुक्‍त करने के डिक्रीहोल्‍डर के उक्‍त प्रार्थना पत्र के विरूद्ध कोई आपत्ति नहीं की गई वरन् उभय पक्ष के विद्वान अधिवक्‍ता द्वय द्वारा अपनी सहमति से तदनुसार प्रस्‍तुत निष्‍पादन वाद को अन्तिम रूप से निस्‍तारित किए जाने की प्रार्थना की गई। प्रार्थना स्‍वीकार की जाती है। साथ ही यह भी आदेशित किया जाता है कि प्रस्‍तुत निष्‍पादन वाद में निर्णीत ऋणी/विपक्षी बीमा कम्‍पनी द्वारा जमा की गई सम्‍पूर्ण धनराशि विधि अनुसार डिक्रीहोल्‍डर/परिवादिनी के पक्ष में एक माह की अवधि में अवमुक्‍त की जावे। तदनुसार प्रस्‍तुत निष्‍पादन वाद अन्तिम रूप से निस्‍तारित किया जाता है। पत्रावली दाखिल दफ्तर की जावे।

आशुलिपिक/वैयक्तिक सहायक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस निर्णय/आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।

 

                                          (न्‍यायमूर्ति अशोक कुमार)                  

                                                     अध्‍यक्ष                                                     

प्रमोद कुमार,

वैयक्तिक सहायक ग्रेड-1,  

कोर्ट नं0-1.      

 
 
[HON'BLE MR. JUSTICE ASHOK KUMAR]
PRESIDENT
 

Consumer Court Lawyer

Best Law Firm for all your Consumer Court related cases.

Bhanu Pratap

Featured Recomended
Highly recommended!
5.0 (615)

Bhanu Pratap

Featured Recomended
Highly recommended!

Experties

Consumer Court | Cheque Bounce | Civil Cases | Criminal Cases | Matrimonial Disputes

Phone Number

7982270319

Dedicated team of best lawyers for all your legal queries. Our lawyers can help you for you Consumer Court related cases at very affordable fee.