जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच, झुन्झुनू (राज0)
परिवाद संख्या - 181/16
अध्यक्ष - महेन्द्र शर्मा
सदस्य - डा0 प्रदीप कुमार जोशी
सुभाषचन्द्र उम्र 35 साल पुत्र माडूराम जाति मेघवाल निवासी पदेवा तहसील खेतड़ी जिला झुंझुनू (राज0) -प्रार्थी/परिवादी।
बनाम
1. पोस्ट आफिस, पदेवा तहसील खेतड़ी जिला झुंझुनू जरिये पोस्टमास्टर अमरसिंह पुत्र फुलाराम तेतरवाल ।
2. मुख्य पोस्ट आफिस (डाक जीवन बीमा) कार्यालय चिड़ावा तहसील चिड़ावा जिला झुंझुनू जरिये मैनेजर/प्रभारी अधिकारी। -अप्रार्थी/विपक्षीगण
परिवाद पत्र अन्तर्गत धारा 12 उपभोक्ता सरंक्षण अधिनियम 1986
उपस्थित:-
1. श्री रामसिंह काला, एडवोकेट - प्रार्थी/परिवादी की ओर से।
2. श्री इन्दुभूषण शर्मा, एडवोकेट - अप्रार्थी/विपक्षीगण की ओर से।
- निर्णय - दिनांक 04.07.2018
प्रार्थी/परिवादी की ओर से दिनांक 31.03.2016 को प्रस्तुत परिवाद अंतर्गत धारा 12 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, (जिसे इस निर्णय में आगे अधिनियम कहा जावेगा) के संक्षिप्त तथ्य इस प्रकार है कि उसकी माता श्रीमती मनभरी देवी ने विपक्षीगण की ग्रामीण डाक जीवन बीमा के तहत परिवाद के चरण संख्या 1 में वर्णित बीमा पालिसी ली थी और उसका मासिक प्रीमियम तत्समय 570/-रूपये विपक्षी संख्या 1 के यहां दिनांक 30.03.2014 को जमा करवाया था और दिनांक 26.06.2014 तक देय प्रीमियम राशि की अदायगी नियमित रूप से की है। दिनांक 30.06.2014 को परिवादी की माता का देहान्त हो गया, तब उसने विपक्षी संख्या 2 के समक्ष बीमा क्लेम प्रस्तुत किया। दिनांक 08.09.2015 के पत्र से विपक्षीगण द्वारा परिवादी को सूचना दी गई कि उम्र के आधार पर परिवादी का क्लेम खारिज कर दिया है जबकि परिवादी की माता ने बीमा कराते समय अपनी सही जन्मतिथि दिनांक 10.10.1969 दर्ज कराई थी। इन तथ्यों के परिपेक्ष में परिवादी ने बीमा क्लेम बाबत देय एक लाख रूपये, उस राशि पर ब्याज, हर्जे खर्चे बाबत 20,000/-रूपये व परिवाद व्यय के रूप में 5500/-रूपये विपक्षीगण से दिलाये जाने की प्रार्थना की है। परिवाद के समर्थन में परिवादी का शपथ पत्र एवं फर्द सूची सहित 5 प्रलेखों की प्रतियां प्रस्तुत की हैं।
विपक्षीगण की ओर से प्रस्तुत जवाब में परिवादी की माता द्वारा परिवाद में वर्णित बीमा पालिसी लेने का तथ्य स्वीकार कर यह अभिवाक किया गया है कि बीमा पालिसी लेते समय बीमाधारी ने गलत व भ्रामक तथ्य अंकित किये और अपनी वास्तविक आयु को छिपाया था। डाक बीमा के प्रावधानों के अनुसार गैर मानक आयु प्रमाण पत्र के साथ 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति संबंधित बीमा पालिसी क्रय नहीं कर सकते है। पालिसी बोण्ड के अनुसार सही आयु बताने का दायित्व बीमाकर्ता का था। परिवादी द्वारा क्लेम प्रस्तुत करने पर कराई गई जांच से यह पाया गया कि परिवादी की माता ने 45 वर्ष से अधिक आयु होते हुये भी बीमा पालिसी ली थी। अतः डाकघर जीवन बीमा निधि नियमावली, 2011 के नियम 9(ख)के अनुसार वह ऐसी पालिसी नही ले सकती थी। अतः परिवादी का क्लेम खारिज किया गया है। सरपंच व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बबाई द्वारा जारी प्रमाण पत्र एवं राशनकार्ड के अनुसार परिवादी की माता की उम्र 48 वर्ष होने से परिवादी का क्लेम सही रूप से खारिज किया गया है। परिवादी का परिवाद खारिज करने की प्रार्थना की गई है। जवाब के समर्थन में श्री के.एल. सैनी का शपथपत्र, डाकघर जीवन बीमा नियमावली,2011 के प्रावधानों, व्याख्याता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बबाई व सरपंच ग्राम पंचायत, दलेलपुरा का प्रमाण पत्र, बीमा पालिसी के संलग्न अनुबंध शर्ते, परिवादी के परिवार राशन कार्ड, ग्रामीण डाक जीवन बीमा निगम के लिये प्रस्ताव फार्म, की फोटो प्रतियां प्रस्तुत की गई हैं।
उभयपक्षो को सुना गया एंव पत्रावली का परिशीलन किया गया।
बहस के दौरान उभयपक्षों की ओर से क्रमशः अपने परिवाद व जवाब में वर्णित तथ्यों की पुनरावृति की गई है।
बहस के दौरान परिवादी के विद्वान् अधिवक्ता का निवेदन रहा है कि विपक्षीगण द्वारा कराई गई जांच में मौजूदा सरपंच द्वारा जारी प्रमाण पत्र पर अवलम्ब रखा गया है, जिसमें उसकी माता की उम्र 48 वर्ष बताई गई है। जबकि बीमा प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय जो सरपंच था उन्होने परिवादी की माता की उम्र 10.10.1969 को प्रमाणित किया है। उक्त प्रमाण पत्र अवलोकनार्थ बहस के समय हमारे समक्ष दिखाया गया था। जिसके परिशीलन से यह प्रकट है कि उक्त प्रमाण पत्र स्वंय परिवादी की माता ने अपनी अंगुस्त निशानी लगाकर दिया है, जिसे तत्कालीन सरपंच द्वारा प्रमाणित किया गया है। अतः उक्त प्रमाण पत्र तत्कालीन सरपंच द्वारा जारी किया हुआ होना नहीं माना जा सकता। डाकघर जीवन बीमा नियमावली, 2011 के नियम 9(ख) के अनुसार यह स्पष्ट प्रावधान है कि गैर मानक आयु प्रमाण के साथ बीमित राशि की अधिकतम सीमा एक लाख रूपये होगी। पांच प्रतिशत अतिरिक्त प्रीमियम जोड़ा जावेगा एवं 25,000/- रूपये से अधिक की बीमित राशि वाली पालिसियां सामान्य चिकित्सा-जांच के अधीन होंगी। अगर कोई व्यक्ति गैर मानकीय आयु प्रमाण के साथ 25,000/- रूपये अथवा इससे अधिक की पालिसियां लेता है तो उसकी आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। निर्विवादित रूप से परिवादी की माता ने गैर मानक आयु प्रमाण के साथ एक लाख रूपये की बीमा पालिसी ली है, जिसकी उम्र बीमा प्रस्ताव के समय 45 वर्ष से अधिक की नहीं होनी चाहिए थी। परिवादी की माता अशिक्षित थी, जिसके संबंध में पक्षकारान के बीच कोई विवाद नहीं है। विपक्षीगण द्वारा कराई गई जांच के दौरान तत्समय परिवादी के परिवार राशन कार्ड की प्रति ली गई थी, जिसमें परिवादी की माता की उम्र स्पष्ट रूप से 48 वर्ष होना अंकित है और इस तथ्य को दिनांक 21.05.2015 को तत्कालीन सरपंच एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बबाई के व्याख्याता द्वारा प्रमाणित किया गया है। इस राशनकार्ड की मौजूदगी में यह स्पष्ट है कि परिवादी की माता द्वारा विवादित बीमा पालिसी में अपनी उम्र 10.10.1969 गलत लिखी गई है। डाक जीवन बीमा नियमावली, 2011 के नियम 39 के अनुसार डाकघर बीमा निधि/ग्रामीण डाकघर बीमा निधि के लाभ में शामिल व्यक्ति द्वारा गलत सूचना दिए जाने अथवा तथ्यपरक सूचना छिपाने पर पोस्टमास्टर जनरल/डिवीजन प्रमुख के विवेक पर उस व्यक्ति के साथ की गई संविदा का शून्यकरण कर दिया जाएगा और उसके द्वारा दिये गये सभी भुगतानों को जब्त कर लिया जाएगा। ग्रामीण जीवन डाक बीमा के अनुबंध की शर्त संख्या 39 के अनुसार यदि बीमा प्रस्ताव में की गई घोषणा या विवरण असत्य दिया जाता है तो संबंधित बीमा पालिसी रद्द हो जावेगी और बीमाकृत द्वारा किया गया भुगतान जप्त हो जाएगा। उक्त प्रावधानों के अनुसार चूंकि बीमा प्रस्ताव के समय परिवादी की माता द्वारा अपनी वास्तविक आयु को छिपाकर बीमा पालिसी ली गई है। अतः विपक्षीगण द्वारा परिवादी का क्लेम खारिज करने में किसी प्रकार की तथ्यात्मक एवं विधिक त्रुटि I(2014)CPJ 500 (NC) के न्यायिक निर्णय के अनुसार नहीं की गई है।
आदेश
अतः प्रार्थी/परिवादी का यह परिवाद विरूद्ध विपक्षीगण खारिज किया जाता है। परिस्थितियों को देखते हुये दोनो पक्षकार खर्चा अपना-अपना वहन करेगें।
निर्णय आज दिनांक 04 जुलाई, 2018 को सुनाया गया।
डा0 प्रदीप कुमार जोशी महेन्द्र शर्मा