Uttar Pradesh

StateCommission

A/2009/2172

Post Office - Complainant(s)

Versus

Poonam Maurya - Opp.Party(s)

Dr U V Singh

13 Mar 2019

ORDER

STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, UP
C-1 Vikrant Khand 1 (Near Shaheed Path), Gomti Nagar Lucknow-226010
 
First Appeal No. A/2009/2172
( Date of Filing : 15 Dec 2009 )
(Arisen out of Order Dated in Case No. of District )
 
1. Post Office
a
...........Appellant(s)
Versus
1. Poonam Maurya
a
...........Respondent(s)
 
BEFORE: 
 HON'BLE MR. Gobardhan Yadav PRESIDING MEMBER
 
For the Appellant:
For the Respondent:
Dated : 13 Mar 2019
Final Order / Judgement

सुरक्षित

 

राज्‍य उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0 लखनऊ

 

(जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम, लखीमपुर खीरी द्वारा परिवाद संख्‍या 172 सन 2007  में पारित प्रश्‍नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक 11.11.2009  के विरूद्ध)

 

अपील संख्‍या 2172 सन 09

1    सुपरिन्‍टेंडेंट आफ पोस्‍ट आफिस, पोस्‍टल डिवीजन , खीरी ।

2    पोस्‍ट मास्‍टर, हेड पोस्‍ट आफिस, खीरी ।

                                           .......अपीलार्थी/प्रत्‍यर्थी

-बनाम-

 

पूनम मौर्या, पुत्री श्री गोकरन प्रसाद मौर्या, निवासिनी मोहल्‍ला कपूरथला घोसियाना रोड, शहर एवं जिला लखीमपुर खीरी ।

                                            .........प्रत्‍यर्थी/परिवादी

 

 

समक्ष:-

मा0   श्री उदय शंकर अवस्‍थी, पीठासीन  सदस्‍य।

मा0    श्री गोवर्धन यादव, सदस्‍य।

 

अपीलार्थी की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता  -  डा0 उदयवीर सिंह के सहयोगी

                                    श्री कृष्‍ण पाठक।

प्रत्‍यर्थी   की ओर से विद्वान अधिवक्‍ता  -  कोई नहीं ।

 

दिनांक:-

 

श्री  गोवर्धन यादव, सदस्‍य द्वारा उद्घोषित

निर्णय

 

      प्रस्‍तुत अपील, जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम, लखीमपुर खीरी द्वारा परिवाद संख्‍या 172 सन 2007  में पारित प्रश्‍नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक 11.11.2009  के विरूद्ध प्रस्‍तुत की गयी है ।

      संक्षेप में, प्रकरण के आवश्‍यक तथ्‍य इस प्रकार हैं कि परिवादिनी ने दिनांक 25.07.2007 को स्‍पीड पोस्‍ट के माध्‍यम से स्‍टाफ नर्स हेतु अपना आवेदन पत्र, मुख्‍य चिकित्‍सा अधीक्षिका, लखीमपुर खीरी के लिए भेजा था। लोकल पता होने के कारण उक्‍त स्‍पीड पोस्‍ट 24 घण्‍टे के अन्‍दर गन्‍तब्‍य तक पहुच जाना चाहिए था लेकिन डाक विभाग की लापरवाही के कारण उक्‍त डाक दिनांक 07.08.2007 को इस‍ टिप्‍पणी के साथ प्रेषिक को वापस कर दी गयी कि '' आफिस बन्‍द है ''  जिसके कारण परिवादिनी स्‍टाफ नर्स के पद पर चयन से वंचित हो गयी और उसे मानसिक कष्‍ट एवं आर्थिक क्षति हुयी जिसकी प्रतिपूर्ति हेतु परिवादिनी ने जिला मंच के समक्ष परिवाद योजित किया।

      जिला मंच के समक्ष प्रत्‍यर्थी/विपक्षी द्वारा अपना लिखित कथन दाखिल कर उल्लिखित किया गया कि प्रश्‍नगत डाक दिनांक 26.07.2007 को प्राचार्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्‍थान लखीमपुर खीरी द्वारा उनकी न होने पर भी प्राप्‍त कर ली गयी जिसे उनके द्वारा वापस करने पर सी0एम0ओ0 लखीमपुर खीरी के कार्यालय में वितरण हेतु भेजी गयी लेकिन कार्यालय बंद होने के कारण प्रेषक को वापस कर दी गयी। इसके अतिरिक्‍त परिवादिनी का परिवाद भारतीय डाक अधिनियम की धारा 6 व 17 से बाधित है।

     जिला मंच ने उभय पक्ष के साक्ष्‍य एवं अभिवचनों के आधार पर निम्‍न आदेश पारित किया :-

     '' अत: यह जिला फोरम विपक्षीगणों को आदेशित करता है कि वह इस आदेश के दिनांक से एक माह के अन्‍दर परिवादिनी को मानसिक आर्थिक एवं शारीरिक कष्‍ट की क्षतिपूर्ति हेतु मु0 दस हजार रू0 का भुगतान करे साथ ही परिवादिनी को वाद व्‍यय के रूप में दो हजार रू0 का भी भुगतान किया जाना सुनिश्चित करें।  ''

     उक्‍त आदेश से क्षुब्‍ध होकर प्रस्‍तुत अपील की गयी है।

अपील के आधारों में कहा गया है कि जिला मंच का प्रश्‍नगत निर्णय विधिपूर्ण नहीं है तथा सम्‍पूर्ण तथ्‍यों को संज्ञान में लिए बिना प्रश्‍नगत निर्णय पारित किया गया है, जो अपास्‍त किए जाने योग्‍य है।

        हमने अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्‍ता डा0 उदयवीर सिंह के सहयोगी अधिवक्‍ता श्री कृष्‍ण पाठक के तर्क विस्‍तार पूर्वक सुने एवं पत्रावली पर उपलब्‍ध साक्ष्‍यों का सम्‍यक अवलोकन किया।

         बहस हेतु प्रत्‍यर्थी/परिवादी की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ।

        पत्रावली के अवलोकन से स्‍पष्‍ट होता है कि परिवादिनी ने दिनांक 25.07.2007 को स्‍पीड पोस्‍ट के माध्‍यम से स्‍टाफ नर्स हेतु आवेदन पत्र मुख्‍य चिकित्‍सा अधीक्षिका लखीमपुर खीरी के लिए भेजा था। उक्‍त स्‍पीड पोस्‍ट 24 घण्‍टे के अन्‍दर गन्‍तब्‍य तक पहुच जाना चाहिए था लेकिन डाक विभाग की लापरवाही के कारण उक्‍त डाक दिनांक 07.08.2007 को इस‍ टिप्‍पणी के साथ प्रेषिक को वापस कर दिया गया कि '' आफिस बन्‍द है '' जिसके कारण परिवादिनी स्‍टाफ नर्स के पद पर चयन से वंचित हो गयी और उसे मानसिक कष्‍ट एवं आर्थिक क्षति हुयी । इस सम्‍बन्‍ध में अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्‍ता द्वारा यह अवगत कराया गया कि डाकघर द्वारा दी गयी सेवायें मात्र Statutory and there is no contractual liability हैं। उनका यह भी तर्क है कि समान्‍यतया पंजीकृत पत्र को एक स्‍थान से उनके गन्‍तव्‍य तक पहुंचने में एक सप्‍ताह का समय लगता है। चूंकि प्रश्‍नगत रजिस्‍टर्ड डाक सम्‍बन्धित प्राप्‍तकर्ता को उसके निवास पर उसे वितरित कर दी गयी, ऐसी स्थिति में अपीलार्थी की ओर से कोई सेवा में कमी नहीं की गयी है। अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्‍ता का यह भी तर्क है कि प्रश्‍नगत प्रकरण इण्डियन पोस्‍ट आफिस एक्‍ट की धाराधारा-06 से बाधित है] जो निम्‍नवत् अंकित है :-

 

Section 6 of the Indian Post Office Act. 1989 reads as under :

 

 “6, Exemption from liability for loss, misdelivery, delay or damage - The Government shall not incur any liability by reason of the loss, misdelivery or delay of or damage to, any postal article in course of transmission by post, except insofar as such liability may in express terms be undertaken by the Central Government as hereinafter provided and no officer of the Post Office shall incur any liability by reason of any such loss, misdelivery, delay or damage, unless he has caused the same fraudulently or by his willful act or default.”

 

अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्‍ता ने अपने तर्क के समर्थन में मा0 राष्‍ट्रीय आयोग नई दिल्‍ली द्वारा 2009 (1) सीपीसी 360 (एनसी) रंजीत सिंह बनाम् से‍क्रेटरी डिपार्टमेंट आफ पोस्‍ट्स गवर्नमेंट आफ इण्डिया, नई दिल्‍ली व अन्‍य, Revision Petition No. 2751of 2008 Decided on  17-09-2008 में पारित विधि व्‍यवस्‍था को सन्‍दर्भित किया, जिसके अन्‍तर्गत निम्‍नवत् अवधारित किया गया है :-  

“ Section 6 – Postal service – A registered letter containing demand draft was sent by the complainant which was not delivered to addressee – Complaint filed – District Forum accepting the complaint directed OP to pay amount of bank draft with interest at the rate of 18 % p.a. and cost of Rs.5,000/- - State Commission set aside the order giving rise to present revision – Held, in view of the Post Office Act, postal employees cannot be held liable for mis-delivery of the registered letter in the absence of any willful act on their part – Order of State Commission upheld.”

 

उपरोक्‍त विश्‍लेषण के आधर पर पीठ इस निष्‍कर्ष पर पहुँचती है कि भारतीय डाक अधिनियम की धारा-06 एवं माननीय राष्‍ट्रीय आयोग के द्वारा अवधारित विधि व्‍यवस्‍था के आलोक में जिला मंच द्वारा पारित प्रश्‍नगत निर्णय एवं ओदश विधि संगत एवं न्‍यायोचित नहीं है। फलस्‍वरूप अपील स्‍वीकार करते हुए जिला मंच का प्रश्‍नगत निर्णय एवं आदेश अपास्‍त होने तथा परिवाद निरस्‍त किये जाने योगय है।

आदेश

      अपील स्‍वीकार की जाती है। जिला उपभोक्‍ता विवाद प्रतितोष फोरम, लखीमपुर खीरी द्वारा परिवाद संख्‍या 172 सन 2007  में पारित प्रश्‍नगत निर्णय एवं आदेश दिनांक 11.11.2009 अपास्‍त करते हुए परिवाद निरस्‍त किया जाता है।

      उभय पक्ष अपना-अपना अपीलीय-व्‍यय स्‍वंय वहन करेंगे।

      इस निर्णय की सत्‍य प्रति पक्षकारों को विधिवत उपलब्‍ध करा दी जाये।

 

       

(उदय शंकर अवस्‍थी)                         (गोवर्धन यादव)

  पीठासीन सदस्‍य                                                             सदस्‍य

    कोर्ट-2

 (S.K.Srivastav,PA)

 
 
[HON'BLE MR. Gobardhan Yadav]
PRESIDING MEMBER

Consumer Court Lawyer

Best Law Firm for all your Consumer Court related cases.

Bhanu Pratap

Featured Recomended
Highly recommended!
5.0 (615)

Bhanu Pratap

Featured Recomended
Highly recommended!

Experties

Consumer Court | Cheque Bounce | Civil Cases | Criminal Cases | Matrimonial Disputes

Phone Number

7982270319

Dedicated team of best lawyers for all your legal queries. Our lawyers can help you for you Consumer Court related cases at very affordable fee.