राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ
(मौखिक)
अपील सं0- 1081/2014
1. Rajiv Kumar.
2. Chandrabhan.
Both S/o Late Sri Mahendra Singh R/o House No. 233-A, Kailashpuri, Railway Road, Bulandshahar.
...…….Appellants
Versus
1. Manoj Kumar S/o Sri Sobran Singh, R/o House No. 70/14, Mohalla Anand Vihar, Near Roadways Bus Stand (Sarai Lodhyan), Bulandshahar.
2. Adhishashi Abhiyanta, Vidyut Vitran, Khand Dwitiya, Hydel Colony, Bulandshahar.
……….Respondents
समक्ष:-
माननीय श्री सुशील कुमार, सदस्य।
माननीय श्री विकास सक्सेना, सदस्य।
अपीलार्थीगण की ओर से उपस्थित : श्री सुशील कुमार शर्मा,
विद्वान अधिवक्ता।
प्रत्यर्थीगण की ओर से उपस्थित : कोई नहीं।
दिनांक:- 05.12.2022
माननीय श्री विकास सक्सेना, सदस्य द्वारा उद्घोषित
निर्णय
1. परिवाद सं0- 39/2013 मनोज कुमार बनाम अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खण्ड द्वितीय व एक अन्य में जिला उपभोक्ता आयोग, बुलन्दशहर द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश दि0 25.04.2014 के विरुद्ध यह अपील प्रस्तुत की गई है।
2. हमने अपीलार्थीगण के विद्वान अधिवक्ता श्री सुशील कुमार शर्मा को सुना। प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश तथा पत्रावली पर उपलब्ध अभिलेखों का सम्यक परिशीलन किया। प्रत्यर्थीगण की ओर से कोई उपस्थित नहीं है।
3. अपीलार्थीगण के विद्वान अधिवक्ता का कथन है कि परिवाद में उनके द्वारा यह आपत्ति की गई थी कि प्रत्यर्थी सं0- 1/परिवादी को श्रीमती किरन देवी के मकान में विद्युत कनेक्शन लगवाने का कोई अधिकार प्राप्त नहीं है। उनको यह अधिकार प्राप्त है कि वे किरन देवी के पुत्रों को आवश्यक पक्षकार बनायें, परन्तु विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग ने यह आदेश पारित किया कि अन्तिम बहस के समय निस्तारण किया जायेगा, लेकिन निस्तारण नहीं किया गया और जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा गैर उपभोक्ता परिवाद पर निर्णय पारित कर दिया गया जब कि किरन देवी के विधिक उत्तराधिकारी अपीलार्थीगण हैं, पत्रावली पर इस आशय का दस्तावेज है। विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग ने दि0 06.02.2014 को उपरोक्त वर्णित आदेश पारित किया है, परन्तु निर्णय में इस आदेश का समावेश नहीं किया। यानी अपीलार्थीगण द्वारा प्रस्तुत आवेदन की गुणवत्ता पर कोई विचार नहीं किया गया। इसलिए विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा पारित प्रश्नगत निर्णय व आदेश अपास्त होने योग्य तथा अपील स्वीकार किए जाने योग्य है।
आदेश
4. अपील स्वीकार की जाती है। विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा पारित प्रश्नगत निर्णय एवं आदेश अपास्त किया जाता है तथा यह प्रकरण विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग को इस निर्देश के साथ प्रति प्रेषित किया जाता है कि विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग उपरोक्त परिवाद अपने पुराने नम्बर पर पुनर्स्थापित करें और अपीलार्थीगण द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदन दि0 06.05.2013 का निस्तारण करें। तत्पश्चात परिवाद पर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित कर गुण-दोष के आधार पर निर्णय पारित करें।
उभयपक्ष जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष दि0 27.01.2023 को उपस्थित हों।
आशुलिपिक से अपेक्षा की जाती है कि वह इस निर्णय एवं आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड कर दें।
(विकास सक्सेना) (सुशील कुमार)
सदस्य सदस्य
शेर सिंह, आशु0,
कोर्ट नं0- 3