राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ
पुनरीक्षण संख्या-49/2015
(मौखिक)
(जिला उपभोक्ता फोरम, सहारनपुर द्वारा विविध वाद संख्या 01/2010 में पारित आदेश दिनांक 05.09.2011 के विरूद्ध)
Dr. Mool Chandra Sani, Orthopedic Surgeon,
R/o C – 75, Vaishali Colony, Garh Road, Meerut,
Previously associated with Primary Health Center – Nakur,
Saharanpur, District-Saharanpur.
....................पुनरीक्षणकर्ता/विपक्षी संख्या-1।
बनाम
1. Kuwar Pal, S/o Desh Raj, R/o – Mohalla – Sujatpur,
Kasba & P.S. – Nakur Distt. – Saharanpur.
2. Babu Ram, 4th Class Employee,
Primary Health Center – Nakur, Distt. – Saharanpur.
3. Primary Health Center – Nakur, Distt. – Saharanpur,
Through Chief Medical Officer Saharanpur.
................प्रत्यर्थीगण/परिवादी और विपक्षी सं0-2 व 3।
समक्ष:-
1. माननीय न्यायमूर्ति श्री वीरेन्द्र सिंह, अध्यक्ष।
2. माननीय श्री संजय कुमार, सदस्य।
पुनरीक्षणकर्ता की ओर से उपस्थित : श्री विकास अग्रवाल,
विद्वान अधिवक्ता।
प्रत्यर्थी संख्या-1 की ओर से उपस्थित : कोई नहीं।
प्रत्यर्थी संख्या-2 की ओर से उपस्थित : श्री रवि कुमार रावत,
विद्वान अधिवक्ता।
प्रत्यर्थी संख्या-3 की ओर से उपस्थित : कोई नहीं।
दिनांक: 31.07.2015
माननीय न्यायमूर्ति श्री वीरेन्द्र सिंह, अध्यक्ष द्वारा उदघोषित
निर्णय
यह पुनरीक्षण प्रार्थना पत्र पुनरीक्षणकर्ता/विपक्षी संख्या-1 द्वारा जिला उपभोक्ता फोरम, सहारनपुर द्वारा विविध वाद संख्या 01/2010 में पारित आदेश दिनांक 05.09.2011 के विरूद्ध प्रस्तुत किया गया है, जिसके अन्तर्गत जिला मंच द्वारा परिवादी का पुर्नस्थापन प्रार्थना पत्र स्वीकार किया
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गया और परिवाद संख्या-238/04 को पुर्नस्थापित किया गया और विपक्षीगण के अधिवक्ता को सूचित किए जाने और पत्रावली वास्ते बहस दिनांक 19.09.2011 को पेश किए जाने हेतु आदेशित किया गया।
श्री विकास अग्रवाल विद्वान अधिवक्ता पुनरीक्षणकर्ता एवं श्री रवि कुमार रावत विद्वान अधिवक्ता प्रत्यर्थी संख्या-2 को सुना गया और अभिलेख का अवलोकन किया गया। चूँकि प्रश्नगत आदेश के बाद परिवाद को अन्तिम रूप से निस्तारित कर दिया गया है और उस अन्तिम रूप से पारित आदेश के विरूद्ध भी अपील लम्बित है, इसलिए प्रश्नगत आदेश के विरूद्ध यह पुनरीक्षण प्रार्थना पत्र पोषणीय नहीं है क्योंकि प्रश्नगत आदेश उक्त अन्तिम आदेश में विलय हो चुका है, जिसके विरूद्ध अपील में दोनों पक्ष इस आयोग के समक्ष हैं। अत: यह पुनरीक्षण प्रार्थन पत्र तदनुसार निस्तारित किया जाता है।
(न्यायमूर्ति वीरेन्द्र सिंह) (संजय कुमार)
अध्यक्ष सदस्य
जितेन्द्र आशु0
कोर्ट नं0-1