Rajasthan

Kota

CC/223/2006

Abdul rahim khan - Complainant(s)

Versus

HDFC Standard Life Insurance Company ltd. - Opp.Party(s)

Naimudin kureshi

08 Jul 2015

ORDER

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष, मंच, झालावाड केम्प कोटा ( राजस्थान )

पीठासीनः- 

01.    अध्यक्ष    ः नंदलाल शर्मा 
02.    सदस्य    ः महावीर तंवर    ः     

परिवाद संख्या:-223/06

अब्दुल रहीम खान पुत्र अब्दुल रहमान खान आयु 37 वर्ष जाति मुसलमान निवासी बीबी जौहरा की मस्जिद, पाटन पोल, कोटा, (राजस्थान)                 परिवादी

                    बनाम

01.    एच डी एफ सी स्टेण्डर्ड लाईफ इन्शारेन्स कंपनी लिमिटेड द्वितीय तल, 414,     शाॅपिंग सेन्टर, कोटा-324007 (राजस्थान) जरिये प्रबंधक महोदय,
02.    एच डी एफ सी स्टेण्डर्ड लाईफ इन्शारेन्स कंपनी लिमिटेड रेमन हाउस, एच टी     पारेख मार्ग, 169, बैकबेय रेकलेमेशन, चर्चकेट, मुम्बई-400020 जरिये प्रबंधक     महोदय,
03.    मोहम्मद जाहिद पुत्र श्री हाजी जुम्मा खंा निवासी ब्रिज सर्विस स्टेशन के पास,     बंगाली काॅलोनी, छावनी, कोटा (राजस्थान) पालिसी एजेन्ट एच डी एफ सी     स्टेण्डर्ड लाईफॅ इन्शोरेन्स कंपनी लिमिटेड।                 अप्रार्थीगण

    प्रार्थना पत्र अन्तर्गत धारा 12 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986

उपस्थिति:-

01.     श्री नईम कुरेशी, अधिवक्ता, परिवादी की ओर सें।
02.     श्री विनि अग्रवाल, अधिवक्ता, अप्रार्थी सं.1 व 2 की ओर से।
03.     अप्रार्थी सं. 3 की ओर से कोई उपस्थित नहीं।


            निर्णय             दिनांक 10.06.2015

    परिवादी का यह परिवाद जिला मंच कोटा से स्थानान्तरण होकर वास्ते निस्तारण जिला मंच, झालावाड, केम्प कोटा को प्राप्त हुआ, जिसमें अंकित किया कि उसने अप्रार्थीगण से 20,000/- प्रतिवर्ष वाली किस्त पर असाध्य बीमारी जैसे केंसर, बाईपास सर्जरी,हार्ट अटेक,किडनी फैलीयोर वगैराह पर चार लाख रूपये दिये जाने और ऐसे मामलों में बकाया किश्ते भी स्वयं अप्रार्थीगण द्वारा दिया जाकर अन्य लाभांश देने का प्रस्ताव किया। परिवादी ने मोह0 जाहिद एजेन्ट व अप्रार्थीगण के कहने पर पालिसी नं. 10332519 प्रोडक्ट नेम एच डी एफ सी यूनिट लिंक्ड यंग स्टार की प्राप्त की । परिवादी ने उक्त पालिसी प्रभावित रहते हुये अचानक हार्ड अटेक रोग से पीडित हो गया और उसने एजेन्ट से सम्पर्क किया तो उसने कहा कि आप ईलाज कराओं में बाद में मेडिक्लेम समसत लाभ मिल जायेगे। परिवादी ने अपना क्रीटीकल इल्नेस क्लेम, अप्रार्थीगण के समक्ष पेश किया उसके बाद अप्रार्थीगण ने जो भी दस्तावेजात मांगे वह उन्हे समय पर उपलब्ध करवा दिये।दिनांक 09.02.06 को अप्रार्थीगण ने परिवादी के क्रीटीकल इल्नेस क्लेम बिना किसी युक्ति युक्त कारण के खारिज कर दिया। अप्रार्थीगण ने परिवादी का क्रीटीकल इल्नेस क्लेम को खारिज कर उसकी सेवा में कमी की है, इसलिये परिवादी को अप्रार्थीगण से  क्रीटीकल इल्नेस क्लेम के रूप में चार लाख रूपये, ईलाज खर्च के 3,00,000/- रूपये मय ब्याज, मानसिक संताप, परिवाद खर्च दिलवाया जावे।     

    अप्रार्थीगण ने परिवादी के परिवाद का विरोध करते हुये जवाब पेश किया उसमें अंकित किया है कि परिवादी अंग्रेजी व हिन्दी पढना लिखना बखूबी जानता है। परिवादी को जारी पालिसी मंे एक्स्ट्रा हेल्थ बेनिफिट से संबंधित प्रोविजन्स में कोरेनरी आरटरी बाई-पास ग्राफ्ट सर्जरी सी ए बी जी एस करवाये जाने ही एक्स्ट्रा हेल्थ बेनिफिट प्रोविजन्स में अंकित किया कि बेलून एजिंयोप्लास्टि करवाये जाने ही एक्स्ट्रा हेल्थ बेनिफिट के तहत राशि देय नहीं थी। परिवादी को बाईपास ग्राफट सर्जरी पर चार लाख रूपये देने का प्रस्ताव दिया गया था। परिवादी का यह भी मिथ्या कथन है उसके हार्ट अटेक हुआ है। परिवादी ने अपना ईलाज मुम्बई स्थित लीलावती हास्पीटल में करवाने की सूचना अ्रगे्रजी भाषा में अपने पत्र द्वारा दी गई। इससे परिवादी का यह कथन की वह अंग्रजी नहीं जानता मिथ्या कथन है। परिवादी मुम्बई स्थित लीलावती हास्पीटल में चेस्ट पेन, क्लेचमदं वद मगमतजपवद व ज्पदहसपदह छनउइदमेे वद इवजी ंतउे शिकायत के साथ भर्ती हुआथा। परिवादी की दिनांक 10.01.06 पर 2 डी कार्डियोग्राफी की गई उसके अलावा छव तमहपवदंस ूंसस डवजपवद ।इदवतउंसपजल की पिदकपदह भी आई। परिवादी के उक्त ईलाज के दौरान भी हार्ड अटेक नहीं आया।परिवादी ने जो पालिसी अप्रार्थीगण से प्राप्त की उसके तहत उसे एक्स्ट्रा हेल्थ बेनिफिट से संबंधित प्रोविजन्स में कोरेनरी आरटरी बाई-पास ग्राफ्ट सर्जरी सी ए बी जी एस करवाये जाने ही एक्स्ट्रा हेल्थ बेनिफिट देय था तथा बेलून एंजियोप्लासिट अपवर्जित थी, इसलिये परिवादी को कंपनी द्वारा अपने पत्र दिनांक 09.02.06 के माध्यम से परिवादी को क्रीटीकल इल्नेसराइडर बेनिफिट के तहत दावा देयन होने की सूचना दे दी थी तथा 6 माह के भीतर क्रीटीकल इल्नेस का दावा देय नही था, इस प्रकार अप्रार्थीगण नेपरिवादी का क्रीटीकल इल्नेस का दावा खारिज कर उसकी सेवामें कोई कमी नही की है। परिवादी का परिवाद सव्यय खारिज करने की प्रार्थना अप्रार्थीगण ने की। 

    उपरोक्त अभिकथनों के आधार पर बिन्दुवार हमारा निर्णय निम्न प्रकार हैः-
01.    आया परिवादी अप्रार्थीगण का उपभोक्ता है ?

    परिवादी के परिवाद, शपथ-पत्र, अप्रार्थीगण के जवाब से परिवादी, अप्रार्थीगण का उपभोक्ता है। 
02.    आया अप्रार्थीगण ने सेवा दोष किया है ?

    उभय पक्षों को सुना गया। पत्रावली में उपलब्ध दस्तावेजी रेकार्ड का अवलोकन किया गया तो स्पष्ट हुआ कि  

03.    अनुतोष ?

    परिवादी का परिवाद अप्रार्थीगण के खिलाफ खारिज किये जाने योग्य है। 
 
                     आदेश 

     परिवादी             का परिवाद अप्रार्थीगण के खिलाफ खारिज किया जाता है। परिवादी खर्च पक्षकारान अपना-अपना स्वयं वहन करेगे। 


     (महावीर तंवर)                (नंदलाल शर्मा)
        सदस्य                       अध्यक्ष
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष      जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष
मंच,झालावाड केम्प कोटा           मंच, झालावाड, केम्प कोटा।

    निर्णय आज दिनांक 10.06.2015 को खुले मंच में लिखाया जाकर सुनाया गया।

   सदस्य                              अध्यक्ष
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष      जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष
मंच,झालावाड केम्प कोटा            मंच, झालावाड, केम्प कोटा।

Consumer Court Lawyer

Best Law Firm for all your Consumer Court related cases.

Bhanu Pratap

Featured Recomended
Highly recommended!
5.0 (615)

Bhanu Pratap

Featured Recomended
Highly recommended!

Experties

Consumer Court | Cheque Bounce | Civil Cases | Criminal Cases | Matrimonial Disputes

Phone Number

7982270319

Dedicated team of best lawyers for all your legal queries. Our lawyers can help you for you Consumer Court related cases at very affordable fee.