राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।
अपील संख्या-1568 /1996 मौखिक
(जिला उपभोक्ता फोरम, गाजियाबाद द्वारा परिवाद सं0 190/1992 में पारित निर्णय/आदेश दिनांक 24-09-1996 के विरूद्ध)
गाजियाबाद डेव्लपमेंट अथारिटी, गाजियाबाद, द्वारा सेक्रेटरी।
.अपीलार्थी/ विपक्षी
बनाम
बृजेश कुमार पुत्र श्री राजे लाल, ग्राम व पोस्ट गैसूपुर जिला-बुलन्दशहर।
...प्रत्यर्थी/परिवादी
समक्ष:-
1- माननीय श्री आर0सी0 चौधरी, पीठासीन सदस्य।
2- माननीय श्री राज कमल गुप्ता, सदस्य,
अपीलार्थी की ओर से उपस्थित: श्री राम राज के सहयोगी श्री सर्वेश कुमार
शर्मा, विद्वान अधिवक्ता।
प्रत्यर्थी की ओर से उपस्थित : कोई नहीं।
दिनांक:15-04-2015
माननीय श्री राज कमल गुप्ता, सदस्य, द्वारा उदघोषित
निर्णय
अपीलार्थी द्वारा यह अपील जिला उपभोक्ता फोरम गाजियाबाद द्वारा परिवाद सं0 190/1992 में पारित निर्णय/आदेश दिनांक 24-09-1996 के विरूद्ध प्रस्तुत की गई है, जिसके द्वारा यह आदेश पारित किया गया है कि विपक्षी को आदेश दिया जाता है कि इस निर्णय के पश्चात दो महीने के भीतर पटेल नगर, संजय नगर, नेहरूनगर, गोविन्दपुरम योजना में अथवा अन्य किसी स्थान पर 145 वर्ग मीटर का भूखण्ड 150-00 रूपये वर्ग मीटर के हिसाब से परिवादी को एलाट करें तथा कब्जा दें। इसके अतिरिक्त विपक्षी 1000-00 रूपये मानसिक कष्ट व परिवाद व्यय के परिवादी को अदा करें।
संक्षेप में केस के तथ्य इस प्रकार से हैं कि परिवादी ने 1985 में 2510-00 रूपये विपक्षी के पास भूखण्ड हेतु नंद ग्राम योजना के लिए जमा किया। विपक्षी किन्हीं कारण वश भूखण्ड देने में अस्मर्थ था। विपक्षी ने एक कमरे वाल दुर्बल आय वर्ग के एक मंजिले भवन ( गोविन्दपुरम) के लिए
(2)
सहमति मांगी। परिवादी ने अपनी सहमति दे दी, परन्तु विपक्षी द्वारा आज तक भूखण्ड का आवंटन नहीं किया गया। परिवादी ने यह भी कहा कि नंद ग्राम योजना के तहत काफी भूखण्ड विपक्षी के पास है, लेकिन वह नहीं दे रहा है। परिवादी ने अनुरोध किया है कि उसे 145 वर्ग मीटर का आवासीय भूखण्ड 150-00 रूपये वर्ग मीटर के हिसाब से दिलाया जाय और यदि प्लाट दिलाया जाना सम्भव न हो तो परिवादी को अंकन 2510-00 रूपये 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से दिनांक 28-09-1995 से अदायगी की तिथि तक दिलाया जाय।
विपक्षी ने अपना उत्तर पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें यह कथन किया है कि परिवादी द्वारा आवेदन करना व एक मंजिल व एक कमरे वाले के लिए सहमति देना स्वीकार है। विपक्षी ने बताया कि आवेदकों को गोविन्दपुरम मे भवन देने का मामला अभी विचाराधीन है और निर्णय पश्चात इस सम्बन्ध में कार्यवाही की जायेगी।
इस सम्बन्ध में अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्ता श्री राम राज के सहयोगी श्री सर्वेश कुमार शर्मा, उपस्थित है। प्रत्यर्थी की ओर से कोई उपस्थित नहीं है। अपीलार्थी के विद्वान अधिवक्ता के तर्क को सुना गया तथा जिला उपभोक्ता फोरम के निर्णय/आदेश दिनांकित-24-09-1996 का अवलोकन किया गया।
केस के तथ्यों परिस्थितियों में एवं अपीलकर्ता के विद्वान अधिवक्ता को सुनने तथा जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा पारित निर्णय/आदेश दिनांकित 24-09-1996 का अवलोकन करने के उपरान्त हम यह पाते है कि जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा जो निर्णय/आदेश पारित किया गया है, वह न्यायसंगत है, उसमें कोई त्रुटि नहीं पाया जाता है। अत: अपीलकर्ता की अपील खारिज होने योग्य है।
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आदेश
अपीलकर्ता की अपील खारिज की जाती है तथा जिला उपभोक्ता फोरम गाजियाबाद द्वारा परिवाद सं0 190/1992 में पारित निर्णय/आदेश दिनांक 24-09-1996 की पुष्टि की जाती है।
उभय पक्ष अपना-अपना वाद व्यय स्वयं वहन करेंगे।
(आर0सी0 चौधरी) ( राज कमल गुप्ता )
पीठासीन सदस्य सदस्य
आर.सी.वर्मा, आशु. ग्रेड-2
कोर्ट नं0-5