राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ।
मौखिक
अपील संख्या-2522/2006
(जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, इटावा द्वारा परिवाद संख्या-101/1995 में पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 06-09-2006 के विरूद्ध)
- Shanker Narain Agarwal alias Button Babu (propeiter Paradise Video Take) tehsil crossing, Etawah.
- Tribhuwan Narain @Pankaj Agarwal Son of Sri S.N.Agarwal Paradise, Video Take, Tehsil crossing, Etawah.
अपीलार्थी/विपक्षी
बनाम
Brijesh Kumar Dubey son Sri Jagdish Narain Dubey resident of Mohalla Sati, Etawah.
प्रत्यर्थी/परिवादी
1- अपीलार्थी की ओर से उपस्थित - कोई नहीं।
2- प्रत्यर्थी की ओर से उपस्थित - कोई नहीं।
समक्ष :-
1- मा0 श्री राम चरन चौधरी, पीठासीन सदस्य।
2- मा0 श्री राज कमल गुप्ता, सदस्य।
दिनांक : 27-05-2015
मा0 श्री राम चरन चौधरी, पीठासीन सदस्य द्वारा उदघोषित:
अपीलार्थी ने यह अपील विद्धान जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, इटावा द्वारा परिवाद संख्या-101/1995 में पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 06-09-2006 के विरूद्ध प्रस्तुत की गयी है, जिसमें विद्धान जिला मंच द्वारा निम्न आदेश पारित किया गया है :-
'' परिवादी का परिवाद सव्यय स्वीकार किया जाता है। विपक्षी संख्या-2 एक माह के अंदर 800/-रू0 अग्रिम का तथा 2000/-रू0 क्षतिपूर्ति मय 8 प्रतिशत ब्याज परिवाद दाखिल करने की तिथि से परिवादी को भुगतान करें तथा वाद व्यय 500/-रू0 भी अदा करें। निश्चित अवधि में अदा न करने पर 16 प्रतिशत ब्याज देय होगा, से क्षुब्ध होकर यह अपील योजित की गयी है।
संक्षेप में इस केस के तथ्य इस प्रकार है कि विपक्षी पैराडाइज विडियो टेक के नाम से वीडियोग्राफी का कार्य करती है। परिवादी और विपक्षी के मध्य लगनोत्मक, विवाह उत्सव एवं बिदाई तक के लिए वीडियोग्राफी करने हेतु करार हुआ। परन्तु विपक्षी वरमाला कार्यक्रम के बाद बिना बताये वहॉं से चला गया और वीडियोग्राफी का कार्य पूरा नहीं किया। जिससे परिवादी को काफी मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ा। इसलिए यह वाद योजित किया गया।
विपक्षी संख्या-1 व 2 की ओर से लिखित तर्क प्रस्तुत किया गया। विपक्षी संख्या-2 द्वारा परिवादी से अनुबंध होना स्वीकार किया गया और कहा गया कि परिवादी द्वारा अनुबंध की शर्तो का पालन नहीं किया गया है और यह कहा गया कि बारात के दिन बरातियों द्वारा अत्यधिक उत्पात मचाया जा रहा था और कैमरा टूटने का खतरा उत्पन्न हो गया तथा वीडियो फिल्म बनाने में काफी दिक्कत आने लगी जिसकी शिकायत परिवादी से की गयी किन्तु उनकी ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया। कैमरामैन द्वारा किसी तरह वरमाला का कार्यक्रम निपटाया गया और जब कैमरामैन द्वारा आने वाली दिक्कतों के बारे में वरपक्ष को बताया तो उनके द्वारा कैमरामैन का मारपीट कर भगा दिया गया। विपक्षी द्वारा कोई सेवा में कमी नहीं की गयी है। इसलिए अपील स्वीकार की जाए।
पीठ के समक्ष उभयपक्ष के विद्धान अधिवक्तागण अनुपस्थित।
हमने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों व जिला मंच द्वारा पारित निर्णय एवं आदेश का भली-भॉंति अवलोकन किया।
पत्रावली का अवलोकन यह दर्शाता है कि विद्धान जिला मंच द्वारा दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात विस्तारपूर्वक सही निर्णय पारित किया गया है जिसमें हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है।
तद्नुसार अपील निरस्त होने योग्य है।
आदेश
अपील निरस्त की जाती है। विद्धान जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम, इटावा द्वारा परिवाद संख्या-101/1995 में पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 06-09-2006 की पुष्टि की जाती है।
उभयपक्ष अपना-अपना अपीलीय व्यय स्वंय वहन करेंगे।
( राम चरन चौधरी ) ( राज कमल गुप्ता )
पीठासीन सदस्य सदस्य
कोर्ट नं0-5 प्रदीप मिश्रा